पटियाला में अवैध गर्भपात के बाद महिला की मौत, डॉक्टर और ANM मीना रानी समेत 4 पर केस

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भ्रूण का लिंग जांचने के बाद गर्भपात कराने का आरोप, 25 वर्षीय महिला की जान गई; मीना रानी पर पहले भी अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप

पटियाला: (परवीन कोमल )पंजाब के पटियाला में अवैध गर्भपात के बाद 25 वर्षीय महिला की मौत के मामले में पुलिस ने महिला डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग की सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना जून 2018 की है, जब स्वास्थ्य विभाग की जांच में महिला की मौत के पीछे कथित अवैध गर्भपात को कारण बताया गया था।

अवैध गर्भपात के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, किराना देवी को एक स्थानीय निजी अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग ने 15 जून को सरकारी राजिंद्रा अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया।

जिला कल्याण अधिकारी डॉ. सुखमिंदर सिंह के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के गुप्तांगों में गंभीर क्षति और आंतरिक रक्तस्राव की बात सामने आई। अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने के कारण महिला की मौत हुई।

जांच के दौरान कथित तौर पर यह भी सामने आया कि महिला ने भ्रूण का लिंग निर्धारित करवाने के बाद गर्भपात कराया था।

पति समेत चार लोगों पर मामला दर्ज

पुलिस ने महिला के पति अंग्रेज सिंह, दाई मीना रानी, झोलाछाप डॉक्टर मलकीत सिंह और डॉ. सोढ़ी नामक महिला डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया।

इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 314, 315 और अन्य संबंधित धाराओं के साथ-साथ PCPNDT Act तथा MTP Act के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, अंग्रेज सिंह ने अपनी पत्नी के गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग पता करवाने के लिए दाई और झोलाछाप डॉक्टर से संपर्क किया था।

इसके बाद तीनों ने सनौर में एक गैर-पंजीकृत अस्पताल केंद्र से संपर्क किया, जहां करीब तीन महीने की गर्भवती किराना देवी का कथित तौर पर गर्भपात कराया गया।

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू किया था।

मीना रानी पर पहले भी लगे थे आरोप

स्वास्थ्य विभाग के जिला कल्याण अधिकारी डॉ. सुखमिंदर सिंह ने मीना रानी को कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में पहले भी पकड़े जाने की बात कही थी।

अधिकारी के अनुसार, मीना रानी पहले लिंग निर्धारण और MTP से जुड़ी अवैध गतिविधियों में पकड़ी जा चुकी थीं। विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजने की बात भी कही थी।

वहीं, मलकीत सिंह के बारे में भी अधिकारी ने बताया कि उसे तीन महीने पहले मंडी अहमदगढ़ में लिंग निर्धारण परीक्षण करते हुए पकड़ा गया था।

चार दिनों में दूसरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून को पटियाला और हरियाणा के कैथल स्वास्थ्य विभागों ने बहादुरगढ़ कस्बे में एक कथित अवैध लिंग निर्धारण केंद्र पर छापा मारा था।

इस मामले में वाड़ी अस्पताल चलाने वाली डॉ. करमजीत कौर और उनके पति मनप्रीत सिंह के खिलाफ PCPNDT Act, MTP Act और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

छापेमारी के दौरान टीम ने गर्भपात की गोलियां, लिंग निर्धारण और भ्रूण डॉपलर जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। अस्पताल परिसर में एक भ्रूण भी मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई थी।

कानून क्या कहता है?

भारत में भ्रूण का लिंग बताने और लिंग चयन से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए PCPNDT Act लागू है। इसके अलावा, गर्भपात से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए MTP Act के प्रावधान लागू होते हैं।

किसी मामले में आरोपों के आधार पर संबंधित कानूनी धाराएं तय की जाती हैं। इस घटना में पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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