IPS अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू ने पंजाब की ब्यूरोक्रेसी में बनाया अनोखा रिकॉर्ड-334 दिन बिना पोस्टिंग


पंजाब कैडर के DGP रैंक के अधिकारी और वरिष्ठतम IPS अधिकारियों में शामिल हरप्रीत सिंह सिद्धू, 1992 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने पंजाब के प्रशासनिक हलकों में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। वह लगातार 334 दिन यानी करीब 11 महीने बिना किसी पोस्टिंग के रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने पहले के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए हैं। इससे पहले IAS अधिकारी गुरकीरत कृपाल सिंह करीब 320 दिन और IPS अधिकारी नौनिहाल सिंह लगभग 300 दिन बिना पोस्टिंग रहे थे।
इससे पहले पंजाब के प्रशासनिक हलकों में पूर्व IAS अधिकारी अजय सिन्हा ने इतिहास बनाया था। वह करीब चार महीने बिना पोस्टिंग रहे और अंततः बिना किसी सरकारी पद पर तैनात हुए ही सेवानिवृत्त हो गए।
पुलिस महकमे में एक अन्य IPS अधिकारी गुरमीत सिंह चौहान, जिन्हें बहादुरी के लिए President’s Police Medal for Gallantry से सम्मानित किया जा चुका है, भी अलग-अलग मौकों पर कई महीनों तक बिना पोस्टिंग रहे हैं। फिलहाल वह भी बिना पोस्टिंग के हैं और पिछले कई महीनों से इसी स्थिति में हैं।
वर्तमान में IPS अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह भुल्लर और गुरमीत सिंह चौहान के अलावा तीन PPS अधिकारी—मनमोहन कुमार, गुरजोत सिंह कलेर और सिमरनजीत सिंह भी बिना पोस्टिंग के हैं।
सिद्धू ने चुनी Central Deputation
हरप्रीत सिंह सिद्धू उस समय Special DGP, Special Task Force (STF) और Prisons के पद पर तैनात थे, जब 4 जुलाई 2022 को 1992 बैच के ही IPS अधिकारी गौरव यादव को पंजाब पुलिस का Officiating DGP नियुक्त किया गया।
इसके बाद सिद्धू ने Central Deputation पर जाने का विकल्प चुना।
20 अक्टूबर 2022 को उन्हें ADGP, Indo-Tibetan Border Police (ITBP) नियुक्त किया गया।
22 सितंबर 2025 को सिद्धू के अनुरोध पर उन्हें समय से पहले पंजाब वापस भेज दिया गया।
अगर वह Central Deputation पर ही बने रहते, तो उनका चार साल का कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक जारी रहता।
पंजाब लौटने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें पंजाब पुलिस का Regular DGP नियुक्त किया जा सकता है।
लेकिन राज्य में वापसी के बाद भी वह करीब 11 महीने से बिना किसी पोस्टिंग के हैं।
गौरव यादव लगातार DGP
गौरव यादव जून 2022 से पंजाब पुलिस के DGP के रूप में कार्यरत हैं।
इससे पहले के Regular DGP को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया था।
हरप्रीत सिंह सिद्धू और गौरव यादव दोनों ही पंजाब कैडर के 1992 बैच के अधिकारी हैं।
सीनियरिटी लिस्ट के अनुसार हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव से वरिष्ठ हैं।
UPSC पैनल में सिद्धू का नाम भी शामिल
पंजाब पुलिस के Regular DGP की नियुक्ति के लिए तैयार किए गए UPSC-approved panel में हरप्रीत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल था।
पंजाब पुलिस के नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर सस्पेंस अभी भी जारी है।
राज्य सरकार को Union Public Service Commission (UPSC) की ओर से 1992 बैच के तीन योग्य अधिकारियों का पैनल मिल चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने अभी तक नए Regular DGP के नाम की घोषणा नहीं की है।
इस पैनल में शामिल तीन अधिकारी हैं—
- Officiating DGP गौरव यादव
- Chief Director, Vigilance Bureau शरद सत्य चौहान
- Special DGP हरप्रीत सिंह सिद्धू
Central Deputation से पंजाब लौटने के बाद हरप्रीत सिंह सिद्धू लगातार बिना किसी पोस्टिंग के हैं।
CRPF में भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी
हरप्रीत सिंह सिद्धू पहले Central Reserve Police Force (CRPF) में भी Deputation पर सेवाएं दे चुके हैं।
वहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में Anti-Naxal Operations में तैनात यूनिटों की कमान संभाली थी।
इसके बाद वह पंजाब की Anti-Drug Force में भी शामिल हुए।
यह नियुक्ति उनकी Central Deputation से समय से पहले वापसी के बाद हुई थी। उनका Central Deputation कार्यकाल पहले जून 2018 में समाप्त होना तय था।
सिद्धू की शैक्षणिक योग्यता और रिटायरमेंट
1992 बैच के पंजाब कैडर के IPS अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू के पास कई उच्च स्तरीय शैक्षणिक योग्यताएं हैं।
उन्होंने Public Administration में MA, LL.B., Police Administration में M.Phil., Human Rights Law में Postgraduate Diploma और LL.M. किया हुआ है।
हरप्रीत सिंह सिद्धू की 31 मई 2027 को सेवानिवृत्ति निर्धारित है।
पंजाब की ब्यूरोक्रेसी में उनका लगभग 11 महीने तक बिना पोस्टिंग रहना अब प्रशासनिक और पुलिस हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सवाल यही है—
एक DGP-rank अधिकारी, UPSC के DGP पैनल में शामिल अधिकारी और सीनियरिटी में ऊपर होने के बावजूद करीब 11 महीने से बिना पोस्टिंग क्यों हैं?
यही सवाल पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है।