चटनी बना देगा अमरीका उत्तर कोरिया की-अगर जंग हुई तो
किम जोंग का बना देगा कीमा अमरीका


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अमेरिका और उत्तर कोरिया के दरम्यान धमकियों का दौर जारी है , ऐसे में अगर इन देशों में जंग होती है तो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करीबन तय है . फेडरेशन ऑफ अमरीकन साइंटिस्ट में न्यूक्लियर इन्फर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हैंस क्रिसटेंसेन और रॉबर्ट नॉरिस के मुताबिक आठ जुलाई तक अमरीका के पास 6,800 परमाणु हथियार थे. 2,800 रिटायर हो चुके हैं, 4,000 ज़ख़ीरे में हैं और 1,800 हथियार तैनात हैं. इस मामले में रूस पहले नंबर पर है और अमरीका दूसरे नंबर पर. रूस के पास अभी 7,000 परमाणु हथियार हैं.
दूसरी तरफ़, उत्तर कोरिया के अलावा अन्य परमाणु शक्ति संपन्न देशों के पास 80 से 300 परमाणु हथियार हैं. ये कुल मिलाकर 1,135 हैं. जुलाई तक उत्तर कोरिया के पास अधिकतम 20 परमाणु हथियार होने की बात कही जा रही है.

आमतौर पर पहले, यह माना जाता था कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने में तकनीकी समस्या से जूझ रहा है. बताया जा रहा था कि वह लंबी दूरी की मिसाइल निशाने तक भेजने में सफल नहीं हो पाया है.
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया के पास लंबी दूरी की मिसाइल है और वह छोटे परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में लिखा है, ”उत्तर कोरिया सालों से बैलिस्टिक मिसाइल पर परमाणु हथियारों को फिट करने की तकनीक हासिल करने में लगा था. अब अमरीका के कई विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने इस क्षमता को हासिल कर लिया है. अमरीका भी इस चीज़ को स्वीकार करता है कि उत्तर कोरिया की मिसाइलें छोटे परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं.”

अमरीकी परमाणु हथियारों की पहुंच कहां तक?
अमरीका में परमाणु अप्रसार नीति की निदेशक केल्सी डावेनपोर्ट का कहना है, ”अमरीकी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की पहुंच 10 हज़ार किलोमीटर से अधिक है. अमरीकी बैलिस्टिक मिसाइल काफ़ी भरोसेमंद हैं. इनके निशाने अचूक हैं. इनमें से कई तो मिनट भर में निशाने पर पहुंच जाते हैं.”
दूसरी तरफ़ उत्तर कोरिया की मिसाइल को लेकर पर्याप्त संदेह है. इसके साथ है कि उत्तर कोरिया ने पहली बार जुलाई में इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल का परीक्षण किया है.
कौन-कौन से देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं?
आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के मुताबिक दुनिया भर के नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं. ये देश हैं- अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, इसराइल, पाकिस्तान, भारत, चीन और उत्तर कोरिया. दुनिया भर में अमरीका पहला देश था जिसने परमाणु हथियार पहली बार विकसित किया और 1945 में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान के नागासाकी और हिरोशिमा में इस्तेमाल भी किया. इसके बाद से दुनिया भर में हथियारों की होड़ शुरू हो गई थी. यह होड़ मुख्य रूप से अमरीका और सोवियत यूनियन के बीच काफ़ी तीखी रही. आज की तारीख़ में इन्हीं दो देशों के पास सबसे बड़े, ज़्यादा और ख़तरनाक हथियार हैं.
क्यूबा मिसाइल संकट के दौरान परमाणु युद्ध की आशंका प्रबल हो गई थी. इसके आठ साल बाद परमाणु अप्रसार संधि को ज़मीन पर उतारा गया. इस संधि के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद के पांच सदस्य अमरीका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस को परमाणु शक्ति संपन्न देश माना जाता है. अन्य देशों को परमाणु तकनीक के इस्तेमाल की अनुमति केवल वैज्ञानिक शोधों के लिए है. पांच के अलावा दूसरे देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकते हैं.
इसराइल, भारत और पाकिस्तान ने एनपीटी पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए. हालांकि इसराइल ख़ुद को आधिकारिक रूप से परमाणु शक्ति संपन्न देश नहीं कहता है. ऐसा माना जाता है कि इसराइल के पास कम से कम 80 परमाणु हथियार हैं. उत्तर कोरिया ने एनपीटी पर हस्ताक्षर कर दिया था, लेकिन उसने ख़ुद को 2003 में इससे अलग कर लिया था.