पुलिस कॉन्स्टेबल के साथ रेप करके तीन बार करवाई अबॉर्शन फंस गए डिप्टी कलेक्टर हो गई FIR

आप है डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके जी। आप बीजापुर में पदस्थापित है।
आप और आपकी महिला मित्र की जान पहचान डौंडी में 2017 में साथ-साथ ITI की पढ़ाई के दौरान हुई। दोनों में दोस्ती हुई और फिर एक-दूसरे से प्रेम हो गया।
प्रेम परवान चढ़ा और किसी कोमटे में उसको और भी चढ़ाया गया। फलस्वरूप पेट में ढलान परिलक्षित होने लगा। अभी नयका-नयका प्रेम था.. 17-18 साल की उम्र थी। दिलीप जी को कुछ बुझाया नहीं तो अबॉर्शन के लिए इधर-उधर दौड़े फिरने लगे और अंततः अबॉर्शन करवा दिया।
महिला मित्र को आश्वासन दिया कि बाबू टेंशन मत लो.. जो होना था हो गया.. अब आगे से ऐसा नहीं होगा। मैं तुमसे सच्चा वाला मोहब्बत करता हूँ। मैं शादी सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही करूँगा। लेकिन मैं आगे अभी और पढ़ना चाहता हूँ,करियर बनाना चाहता हूं, तब तक तुम इंतजार करो।
बाबू बात मान गई… प्रेम की गाड़ी पुनः पटरी पे आ गई।
कुछ महीने बाद महिला मित्र की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई.. महिला कॉन्स्टेबल के रूप में। अब दिलीप उइके जी की चांदी थी। यहाँ महिला की दाद देनी पड़ेगी कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी वो दिलीप से मोहब्बत करना नहीं छोड़ी, उसे छोड़ कर किसी सीनियर या मालदार ऑफिसर के साथ नहीं गई। बल्कि उसने अपनी सच्ची मोहब्बत का परिचय दिया। बोली कि मेरी तो नौकरी लग गई, अब तुम्हारी लगानी है। बोलो तुम क्या बनना चाहते हो ? उसके लिए मैं पैसे दूंगी तुम्हें।
दिलीप जी बोले कि मैं प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता हूँ। CGPSC की तैयारी करनी है हमें।
तो बाबू बोली कि ठीक है, जाओ तुम तैयारी करो पैसे मैं दूँगी।
फिर प्रत्येक महीने 4-5 हजार रुपये वो दिलीप को भेजती रही जिससे दिलीप कोचिंग और पढ़ाई के खर्चे निकालता रहा। बीच-बीच में मिलते रहते और ओयो रूम की शानदार शोभा बढ़ाते रहते। लेकिन इस दौरान इनलोगों ने सेफ्टी का खूब ख्याल रखा।
तीन साल दिलीप ने कड़ी मेहनत की और 2020 में वो पीसीएस एग्जाम क्रेक करने में सफल हो गया। पोस्ट डिप्टी कलेक्टर की मिली। तब इसकी उम्र मात्र 21 साल थी।
अब बाबू के खुशी का ठिकाना नहीं था… बोली कि मेरे इंतजार और सब्र का फल मिल गया। दिलीप जी के पास गई और बोली कि जो तुम चाहते थे वो बन गए, अब शादी कर लेते है हम दोनों।
तो दिलीप जी ने कहा कि नहीं अभी नहीं.. थोड़ा मैं सेटल हो जाता हूँ फिर करते हैं।
बाबू मान गई.. लेकिन दिलीप जी चूंकि अब पीसीएस अधिकारी बन गए थे तो स्थान विशेष में गर्मी आना स्वाभाविक था। सो अब दबा के बाबू के साथ 63-69 करने लगे।
अबकी (2024) बाबू को और खुश करने के लिए इन्हें अंडमान ले गए घुमाने के लिए.. 5-6 दिन पुनः दबा के ऋषि वात्स्यायन जी को स्मरण किया गया।
रिजल्ट फिर वही हुआ.. बाबू बाबू की अम्मा बनने को आई। डिप्टी कलेक्टर साब फिर घबरा गए। दे दी अबॉर्शन की गोली।
कुछ दिन रुके और कलेक्टर बाबू का जब टेंशन खत्म हो गया तो बाबू फिर फुफकारी मारने लगा। बाबू को पुनः याद किया गया। बाबू हाजिर हो गई। फिर बाबू-बाबू का टकराव आरंभ हो गया।
इस दौरान कलेक्टर बाबू जितनी बार भी गर्म से ठंडा होते उतनी बार ही कहते कि बाबू बहुत जल्दी हम शादी करेंगे.. पारंपरिक या धूमधाम से नहीं करेंगे बल्कि किसी मंदिर में करेंगे। फिलहाल मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है, क्या तुम मुझे दे सकती हो ?
मल्लब दिलीप जी डिप्टी कलेक्टर हो के भी चिल्लर वाली जिनगी जी रहे थे।
बाबू तो थी ही भरोसे की पुड़िया… बोली कि कितना चाहिए ? तो बोला कि यही कोई 3.3 लाख… तो बाबू बोली कि ठीक है मैं देती हूँ…!
बाबू के पास इतने पैसे नहीं थे इसके बाद भी इन्होंने मना नहीं किया और बैंक से लोन ले के डिप्टी कलेक्टर साब को पैसे दिए।
मिलना-जुलना और पलंग रचरचाई दोनों ही समानांतर रूप से चलते रहे।
2025 में बाबू पुनः उदर का गुम्बद बनने की दिशा में अग्रसर हुई। डिप्टी कलेक्टर साब एज यूज्वल फिर से घबरा गए। अबॉर्शन के लिए फोर्स किया। बाबू फिर मान गई.. लेकिन इस बार ब्लीडिंग भोत ज्यादा हुआ और तबियत काफी ज्यादा खराब हो गई।
रिकवर हुई तो शादी का बात पुनः की जिसे डिप्टी कलेक्टर साब हमेशा की तरह टाल मटोल करते दिखे।
अब बाबू के सर के ऊपर पानी बहने लगा था। 2017 से 2025 तक साथ दी, हर संभव मदद की, एक-एक बात को मानी, और ये मानी भी इसलिए और इस उम्मीद से कि आज नहीं तो कल को ये मेरे से शादी करेगा ही करेगा। लेकिन नहीं.. पिछले 8 सालों से बस आश्वासन ही मिल रहा था।
इस बाबत जब फाइनल बात होने लगी तो डिप्टी कलेक्टर साब ने शादी करने से साफ मना कर दिया। शादी की बात से मुकर गया।
महिला मित्र ने डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके जी के खिलाफ रेप केस दर्ज कराया। जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर साब भागे-भागे फिरने लगे। अंडरग्राउंड हो गए।
फिलहाल दिलीप उइके जी को सस्पेंड कर दिया गया है।
मगर महिला मित्र के द्वारा रेप का केस दर्ज करना मुनासिब न लगा। जब आपसी सहमति से सबकुछ हुआ तो फिर रेप जैसी बात कहां से आ गई ? हाँ धोखाधड़ी और शादी का झांसा देकर यौन शोषण का केस कर सकती थी।