आज है शबबेरात और शरदपूर्णिमा की रात एक साथ
*आज है शब्बे बारात और शरद पूर्णिमा की रात*
विंध्याचल_ नगर निकाय के चुनाव के पड़ाव का आज आखिरी रात है आज की रात कुछ लोगों को अमृत तो नहीं लेकिन अमृत के जैसा ही रसपान करने को मौका मिलता है,चुनाव की आखिरी रात को लोग अपने प्रचार_प्रसार को अंतिम जामा पहनाते है कि कही से वह अगले प्रत्याशी जे उन्नीस ना रह जाये इसलिए जी तोड़ मेहनत करता है और कोई कोर कसर ना छूट जाय इसलिए साम,दाम,दंड,भेद सभी का प्रयोग करने में लगे है।
वैसे पांच वर्षों में यह दौर एक बार आता है,जब लोग समाज सेवा करने के लिए बड़े लालायित दिखते है।चुनाव की रात में ना वोटरों को नींद आती है और ना ही प्रत्याशियों को ही।
सच मे जैसे शरद पूर्णिमा की रात में आसमान से अमृत की वर्षा होने की बात कही गयी है वैसे ही आज की रात भी है,आज भी कुछ ऐसे ही बारसात की होने की आशंका है जिसको पीकर कुछ लोग पांच वर्षों तक किसी को मोक्ष प्राप्त करवा देते है जो अपनी शक्ति को प्राप्त कर भष्मासुर बनकर इन्ही को भष्म करने को दौड़ने लगते है।
आज के दिन कितने जीव को भी बलि चढ़ना पड़ता है,
आज के दिन तो कुछ प्रत्याशी अपना पूरी रणनीति को अपने कुशल व्यवहार से नही बल्कि पैसे के दम पर वोट खरीदने की खूब जद्दोजहद करेंगे ।
पर शायद हर बार की तरह इस बार का नज़ारा कुछ और ही देखने को मिल रहा है,कल जब रात को एक पुलिस गाव में पहुंची तो सब बेचारे वहां से खिसक लेने में ही बेहतर समझे।इस बार की चुनाव में प्रशासन भी अपनी पूरी तैयारी कर लिया है,अब देखना यह है कि होता क्या है आज की रात कितने अपने लक्ष्य को अंजाम देते है तो कितने पुलिस के हत्थे चढ़ते है । परिणाम कुछ भी पर आज की रात बड़ी……? है।
ममता सिंह
Up chief beuro