पुलिस लाठी चार्ज न करती तो हो जाता भयंकर काण्ड


पटियाला में कुछ प्रदर्शन करने वाले हुल्लड़बाजों द्वारा बिजली विभाग के बंधक बनाए गए कर्मचारीयों को मुक्त करवाने के लिए की गई पुलिस कार्रवाई, और लाठी चार्ज के बारे में कुछ नई सूचनाओं प्राप्त हुई है। अपना नाम गुप्त रखने की गुजारिश करते हुए कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस के पास बंधक बनाए गए बिजली कर्मियों के परिवारों की शिकायतें पहुंची थी कि उनके परिजन भूखे प्यासे हैं और बिजली विभाग के मुख्यालय में कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कैद कर लिए गए हैं । इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जब पुलिस कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने धरना देने वालों को समझाया कि किसी को इस तरह कैद करना, कानूनी तौर पर जुर्म है और उन्हें बंधकों को मुक्त करने के लिए कहा लेकिन धरना देने वालों के साथ मौजूद कुछ राजनैतिक शरारती तत्वों ने मुर्दाबाद के नारे लगनी शुरू कर दिए । इतनी देर में वहां पर पटियाला शहर के डीएसपी श्री संजीव सिंगला आ पहुंचे, जिनको देखकर वहां मौजूद कुछ शरारती तत्व हुड़दंग मचाने लगे और डीएसपी के साथ धक्का मुक्की करते हुए गाली गलौच करने लगे। एक प्रत्यक्ष दर्शी ने बताया कि अचानक एक हुल्लड़बाज डीसीपी संजीव सिंगला को गंदी गालियां निकालते हुए पुलिस कर्मचारियों के सर्विस रिवाल्वर के पास आ गया और उसकी हिंसक नियत को देखते हुए डीएसपी ने उसको हटाने की कोशिश की लेकिन वह पुलिस से भिड़ गया। जिसके बाद ना चाहते हुई भी वहां लाठी चार्ज की नौबत आ गई। हालांकि डीसीपी संजीव सिंगला बेहद शरीफ किस्म के पुलिस अधिकारी हैं और आज तक उनके द्वारा इस तरह की किसी भी उकसाऊ गतिविधि को अंजाम नहीं दिया गया, लेकिन उसे वक्त स्थिति ही इतनी गंभीर हो गई थी कि किसी अप्रिय घटना के घटने से पहले ही पुलिस ने बचाव कार्य करते हुए सावधानी पूर्वक लाठी चार्ज किया और बिजली विभाग के बंधक कर्मचारियों को हुल्लड़ बाजों के कब्जे से मुक्त करवाया। इसके बाद कुछ शरारती लोगों ने ए आई तकनीक का दुरुपयोग करते हुए कुछ फोटो और वीडियो जनरेट करके सोशल साइटों पर डालने शुरू कर दिए और सोशल साइटों की भेड़ चाल के चलते हालात की जानकारी न होने वाले लोग, अधूरी जानकारी के चलते उल्टा पुलिस पर ही दोषारोपण करने लगे और घटना के सीन का एक पहलू ही दिखाया गया। इस घटना की जांच के लिए इंटरनेशनल ह्युमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन फॉर पुलिस पब्लिक प्रेस ने एक जांच कमेटी का गठन किया था। उसे जांच कमेटी ने भी इस सारे घटनाक्रम की पुष्टि की है और आम जनता से अपील की है कि किसी भी उकसावे में ना आए। उन्होंने पंजाब सरकार से भी अपील की है कि धरना दे रहे दूसरे शरीफ नौजवानों को तुरंत प्यार से नियुक्ति पत्र दिए जाएं।